अतिश्योक्ति अलंकार की परिभाषा और उदाहरण

अलंकार के बारे में तो आप जानते ही होंगे की काव्य की शोभा बढाने वाले कारक अलंकार कहलाते है. अलंकार हिंदी व्याकरण का हिस्सा होते है हिंदी व्याकरण में कई सारे अलंकार होते है. लेकिन इस पोस्ट में हम अतिश्योक्ति अलंकार के बारे में आप को बता रहे है की इसकी परिभाषा क्या है? इसे वाक्य में कैसे और कहा प्रयोग किया जाता है.

अतिश्योक्ति अलंकार क्या है और कब प्रयोग किया जाता है?

यह दो शब्दों से मिलकर बना होता है जैसे अतिशय+उक्ति = अतिश्योक्ति, अतिशय का अर्थ होता है बहुत अधिक और ज्यादा और उक्ति का अर्थ होता है कथन (अधिक कथन).

अतिश्योक्ति अलंकार का प्रयोग वाक्य में उस समय करते है जब हमें किसी वस्तु, विषय, व्यक्ति आदि की विशेषताओ का वर्णन करते है, मुख्यतः किसी की विशेषता को ध्यान में रखकर बताया जाता उस समय अतिश्योक्ति अलंकार का प्रयोग किया जाता है.

अतिश्योक्ति अलंकार की परिभाषा

जहा किसी वस्तू, व्यक्ति, स्थान आदि की विशेषताओ का वर्णन बड़ा चड़ा कर किया जाता है वहाँ अतिश्योक्ति अलंकार होता है, इसे दुसरे शब्दों में ऐसा भी कह सकते है की,

जहाँ किसी वाक्य में लोक सीमा का उलंघन करके कोई बात की जाती है तो वहां अतिश्योक्ति अलंकार होता है जो उस बात को असंभव को भी संभव बनाने की कौशिश करता है.

अतिश्योक्ति अलंकार के उदाहरण

अतिश्योक्ति अलंकार का पहला उदाहरण:

पड़ी अचानक नदी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार|

राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार ||

व्याख्या: यहाँ उदाहरण में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की विशेषताओं का वर्णन किया गया है, यहाँ घोड़े को इतना शक्तिशाली बताया गया है की वह एक नदी को भी छलांग मारकर पार कर सकता है, जो लोक व्यव्हार के अनुसार आसामान्य बात है.

अतिश्योक्ति अलंकार का दूसरा उदाहरण:

हनुमान की पूंछ में लग न पाई आग,

लंका सारी जल गई गए निसाचर भाग ||

व्याख्या: यहाँ लंका दहन के समय की बात हो रही है की हनुमान जी की पूंछ की विशेषता है की उसमे आग नहीं लगी क्योंकि यह कोई साधारण पूंछ नहीं है जो जल जाती इसलिये उनकी पूंछ का वर्णन किया जा रहा है जिसने पूरी लंका नगरी को जला कर भष्म कर दिया और सभी राक्षसों का जीना मुश्किल कर दिया था.

अतिश्योक्ति अलंकार का तीसरा उदाहरण:

धनुष उठाया ज्यों ही उसने, और चढ़ाया उस पर बाण|

धरा–सिन्धु नभ काँपे सहसा, विकल हुए जीवों के प्राण ||

व्याख्या: इस वाक्य में बताया जा रहा है की महाभारत के युद्ध में जब अर्जुन ने अपना धनुष उठाया और तुणीर से निकाल कर उस पर बाण चढ़ाया, तब धरती, समुद्र, आसमान सब कांपने लग गए और सभी जीवो के प्राण संकट में आ गए लेकिन यह बिलकुल असंभव है की बाण धनुष उठाने और बाण चलाने से पहले ही कोई कांप उठे और किसी के प्राण चले जाए यह लोक सीमा के विपरीत परिस्थित है अतः यहाँ अतिश्योक्ति अलंकार का प्रयोग किया गया है.

Atishyokti Alankar in English

जब हम बात करते है हिंदी व्याकरण की तो उसमे बहुत सारे हिस्से होते है लेकिन उनको इंग्लिश में अलग नाम से जाना जाता है इसी प्रकार अतिश्योक्ति अलंकार को भी इंग्लिश भाषा में अलग नाम से जाना जाता है. तो जानते है की अतिशयोक्ति अलंकार को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

अतिशयोक्ती अलंकार को इंग्लिश में Superlative Embellishment कहा जाता है जहाँ Superlative का मतलब अतिश्योक्ति और Embllishment का मतलब अलंकार होता है.

अतिश्योक्ति अलंकार की परिभाषा इंग्लिश में

Where we describe the characteristics of any person, things, place in super degree details then the Superlative Embellishment is used in that sentence.

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