सार्थक शब्द क्या है संपूर्ण जानकारी (sarthak shabd kise kahate hain)

सार्थक शब्द क्या होता है सार्थक शब्द की परिभाषा क्या है इस आर्टिकल हम सार्थक शब्दों के बारे में आपको बताएँगे की (Sarthak Shabd Kise Kahate Hain). जैसे हम बात करते है तो हमारे मुंह से शब्द ही निकलते है लेकिन हिन्दी व्याकरण में प्रत्येक शब्द किसी न किसी व्याकरण के पद या महत्वपूर्ण परिभाषा से जुड़ा होता है|

उन्ही में से एक है सार्थक शब्द तो चलिये चर्चा करते है की सार्थक शब्द किसे कहते है?

सार्थक शब्द (Sarthak Shabd Kise Kahate Hain)

हम जो भी शब्द बोलते है उनका कोई मतलब या अर्थ होता है और कुछ शब्द ऐसे होते है जिनका कोई भी अर्थ नहीं निकलता है, तो अगर हम किसी शब्द को बोलते है और उसका कुछ अर्थ होता है तो उसे हम सार्थक शब्द कहते है|

सार्थक शब्द वे होते है जो वाक्यों में प्रयोग किये जाने पर किसी खास अर्थ का बोध करवाते है| तथा सार्थक शब्दों को पद ( पद परिचय) कहते है|

सार्थक शब्द की परिभाषा

“वे शब्द जो किसी निश्चित अर्थ का बोध करवाते है ऐसे शब्दों को सार्थक शब्द कहा जाता है ये शब्द वाक्यों में प्रयोग करने से वाक्यों को अर्थ प्रदान करने का कार्य करते है|”

“वर्णों का ऐसा संयोग जिसका कोई अर्थ हो सार्थक शब्द कहलाते है”

सार्थक शब्द के उदाहरण

सार्थक शब्दों के कुछ उदाहरण बताये जा रहे है जो आपको समझ में आयेंगे जिससे आप सार्थक शब्दों को आसानी से समझ सकते हो|

जैसे: पानी, आकाश, रास्ता, हवा आदि|

ऊपर बताये गये उदाहरन से समझ में आ रहा है की अगर हम पानी कहते है तो इससे समझ आता है की यह पीने के लिये होता है पानी एक पूर्ण शब्द है और इसका अर्थ भी है इसी प्रकार जब आकाश की बात होती है तो समझ में आता है की किसके बारे में बात हो रही है| इस प्रकार रास्ता और हवा का भी वास्तविक अर्थ प्रकट होता है|

तो आप ऊपर बताये उदाहरण से समझ गये होंगे की सार्थक शब्द क्या होता है? सार्थक शब्दों के भी भेद होते है|

सार्थक शब्द के भेद

व्याकरण के अनुसार सार्थक शब्दों के आठ भेद होते हैं- इनमें से प्रथम चार प्रकार के शब्द- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया विकारी होते हैं, क्योंकि ये शब्द लिंग, वचन, कारक आदि से विकृत हो जाते हैं।

संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रियाविशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्यबोधक, विस्मयादिबोधकI

संज्ञा:-

किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या जाती आदि के नाम को संज्ञा कहते है? ये वे शब्द होते है जो किसी व्यक्ति या वस्तु या स्थान का परिचय या बोध करवाते है| अंग्रेजी ने संज्ञा को (Noun) नाउन कहा जाता है|

जैसे: राम, मोहन, टेबल, कुर्सी, मोबाइल, आकाश, पानी आदि|

संज्ञा के विषय में सम्पूर्ण जानकारी

सर्वनाम:-

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्दों को सर्वनाम शब्द कहा जाता है| इन शब्दों के वाक्यों में प्रयोग से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान आदि का नाम नहीं लिया जाता उसकी जगह पर सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है| सर्वनाम को अंग्रेजी ने (Pronoun) प्रोनाउन कहते है|

जैसे:- यह, वह, इस, उस, इसका, उसका, जिसे, किसे, आदि|

सर्वनाम के विषय में सम्पूर्ण जानकारी

विशेषण:-

विशेषण से विशेषता शब्द स्पष्ट दिख रहा है, विशेषण उन शब्दों को कहा जाता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने का कार्य करते है|

जैसे:- राम महान है| इस वाक्य में राम संज्ञा है और महान विशेषण है जो राम की महानता को व्यक्त करती है| विशेषण को अंग्रजी में (Adjective) अड्जेक्टिव कहते है|

जैसे: काला, पीला, गोरा, छोटा, अच्छा, गन्दा आदि|

विशेषण की सम्पूर्ण जानकारी

क्रिया:-

वे शब्द जो किसी कार्य के होने या कार्य करने को व्यक्त करते है उन शब्दों को क्रिया शब्द कहा जाता है| जैसे: अगर में लिखता हूँ तो “लिखता” है एक क्रिया शब्द है जो लिखने के कार्य को बता रहा है इस प्रकार अगर आप पढ़ रहे है तो यहाँ “पढ़” एक क्रिया शब्द है जो पढने को व्यक्त करते है,

क्रिया शब्दों से ही पता चलता है की कोई कार्य हो रहा है या होता है या कोई कार्य हुआ था आदि| क्रिया को अंग्रेजी में (Verb) वर्ब कहा जाता है|

क्रियाविशेषण:-

जिस प्रकार विशेषण शब्द , संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता का बोध करवाते है उसी प्रकार क्रिया विशेषण शब्द क्रिया की विशेषता बताते है|

क्रिया विशेषण के वाक्यों में प्रयोग से यह पता चलता है की कोई क्रिया कैसे हो रही है| क्रिया विशेषण को अंग्रेजी में (Adverb) एडवर्ब कहा जाता है|

जैसे:- मोहन जल्दी-जल्दी बोलता है| इस वाक्य में “बोलता” एक क्रिया है और “जल्दी-जल्दी” एक क्रिया विशेषण शब्द है|

सम्बन्धबोधक:-

वे शब्द जो एक संज्ञा या सर्वनाम का दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से संबंध को दर्शाते है या संबंध का बोध करवाते है उन्हें सम्बन्धबोधक शब्द कहा जाता है|

जैसे:- सूर्य पश्चिम की और अस्त होता है| यहाँ सूर्य का पश्चिम में डूबने के लिये से संबंध पश्चिम शब्द का “की और” के द्वारा दिशा बताई गयी है|

सम्बन्धबोधक शब्दों को (RELATIVE WORD) रिलेटिव वर्ड कहा जाता है|

जैसे: के निचे, के पास, के अनुसार, की जगह, के साथ, आदि|

समुच्यबोधक:-

ये वे शब्द होते है जो दो वाक्यों को आपस में जोड़ने का कार्य करते है इनसे दो वाक्य जुड़ते है| जैसे:- आपने मेहनत की लेकिन आपको सफलता नही मिली|

यहाँ पर “लेकिन” शब्द दो वाक्यों को आपस में जोड़ रहा है| जो एक समुच्यबोधक शब्द है| समुच्यबोधक को अंग्रेजी में (Conjunctive या Conjunction) कजक्टिव या कंजनशन भी कहा जाता है|

जैसे: और, वरना, लेकिन, बल्कि, यहाँ तक की, ताकि, इसलिये, किन्तु आदि|

विस्मयादिबोधक:-

जिस शब्द को बोलते या लिखते समय आश्चर्य, शोक, वात्सल्य, विस्मय, गुस्सा, दया, रोना, हँसना आदि भाव शरीर में उत्पन्न होते है उनको विस्मयबोधक शब्द कहा जाता है इन शब्दों को लिखने के बाद यह (!) चिन्ह लगाया जाता है|

बोलते समय ये शब्द अचानक से मुंह से निकलते है जो की अधिकतर बचपन से सीखी हुई भाषा में ही होते है इन शब्दों को दूसरी भाषा में प्रयोग करना बहुत ही कठिन होता है क्योंकि ये शब्द भाव से सम्बंधित होते है और भाव मुंह में नहीं मन में होते है|

जैसे: अरे !, वाह !, हाय !, बाप रे बाप !, हे भगवान !, आह ! , हा !, हट ! , धिक् ! , धत !, जी हाँ ! , बहुत अच्छा !, ओहो !, सच !, हैलो !, काश ! , कदाचित् !,

इस आर्टिकल में में हमने पढ़ा की (sarthak shabd) सार्थक शब्द क्या होते है सार्थक शब्दों के भेद क्या क्या है, इस प्रकार से हिन्दी व्याकरण से सम्बंधित सम्पूर्ण अधिक पोस्ट और जानकारी या पढने के लिये इस वेबसाइट को पढ़ते रहे यहाँ हम hindi से सम्बंधित कंटेंट लिखते है|

शायद आप समझ गये होंगे की Sarthak Shabd Kise Kahate Hain किसे कहते है? इनका प्रयोग करने से किसी व्यक्ति वस्तु या स्थान, या विषय आदि का अर्थ प्रकट होता है|

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